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Dr G K Chaurasia (BAMS)
शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे के बीच ऑनलाइन कंसल्टेशन (Online Consultation)
Arthritis आर्थराइटिस काठिया रोग विशेषज्ञ
Speciality
आयुर्वेदा के विशेषज्ञ हैं।
Degrees
BAMS
Areas of Expertise
काठिया (गठिया) के प्रमुख प्रकार (Types of Arthritis)
यह बीमारी मुख्य रूप से तीन रूपों में सबसे ज्यादा देखी जाती है:
ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis): यह बढ़ती उम्र (आमतौर पर 45-50 साल के बाद) में जोड़ों के बीच का कार्टिलेज (गद्दी) घिस जाने के कारण होता है। यह ज्यादातर घुटनों और कूल्हों को प्रभावित करता है।
रूमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis): यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इसमें हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) खुद ही स्वस्थ जोड़ों पर हमला करके उन्हें खराब करने लगता है। यह किसी भी उम्र में (यहां तक कि युवाओं को भी) हो सकता है।
गाउट (Gout / यूरिक एसिड बढ़ना): जब खून में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, तो उसके बारीक क्रिस्टल जोड़ों में (विशेषकर पैर के अंगूठे या एड़ी में) जमा हो जाते हैं, जिससे अचानक तेज दर्द और सूजन उठती है।
बीमारी के मुख्य लक्षण (Symptoms)
यदि मरीज को नीचे लिखे लक्षण हैं, तो यह काठिया रोग की शुरुआत हो सकती है:
सुबह की जकड़न (Morning Stiffness): सोकर उठने के बाद जोड़ों का पूरी तरह जाम हो जाना और मुड़ने में बहुत दिक्कत होना।
सूजन और लालिमा: जोड़ों के आस-पास सूजन आ जाना, त्वचा का लाल होना और छूने पर वहां गर्माहट महसूस होना।
लगातार दर्द: घुटनों, उंगलियों, कलाई, रीढ़ की हड्डी या टखनों में लगातार या रुक-रुक कर दर्द होना।
थकान और कमजोरी: हर समय शरीर में सुस्ती, कमजोरी और हल्का बुखार जैसा महसूस होना